रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

Science ( विज्ञान  ) लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. निम्न अभिक्रिया के लिये संतूलित रासायनिक समीकरण लिखिए : 

(a) सोडियम सल्फेट, बेरियम क्लोराइड के साथ अभिक्रिया करता है।
(b) कैल्सियम हाइड्रोक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड के साथ अभिक्रिया करता है।

उत्तर⇒(a)BaCl2(aq)Na2SO4(aq)→BaSO4(s)+2NaCl(aq)
(b) Ca(OH)2 (aq)+CO2 (g) CaCO3 (s) +H2O (l)


प्रश्न 2. निम्न अभिक्रिया के लिये संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए :
(a) जिंक + सिल्वर नाइट्रेट → जिंक नाइट्रेट + सिल्वर
(b) सोडियम + जल → सोडियम हाइड्रोक्साइड + हाइड्रोजन

उत्तर⇒ (a)Zn(s)+2AgNO3(aq)→Zn(NO3)2(aq)+2Ag(s)
(b) 2Na +2H2O→2NaOH+H2


प्रश्न 3. विस्थापन एवं द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में क्या अन्तर है? इन अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए।

उत्तर⇒ विस्थापन अभिक्रिया – जब कोई तत्व दूसरे तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित कर देता है, तो वह विस्थापन अभिक्रिया होती है।
उदाहरण – Zn(s)+CuSO4(aq)→ZnSO4(aq)+Cu(s)
       (जिंक)     (कॉपर सल्फेट)    (जिंक सल्फेट)     (कॉपर)

Cl2(g)   +   2KI (aq)  →   2KCI (aq)   +   I2(g)
(क्लोरीन)(पोटैशियम आयोडाइड)(पोटैशियम क्लोराइड)(आयोडीन)

द्विविस्थापन अभिक्रिया – द्विविस्थापन अभिक्रिया में दो अलग-अलग परमाणु या परमाणुओं के समूह का आपस में आदान-प्रदान होता है।
उदाहरण- (i)BaCl+ Na2SO→ BaSO+ 2NaCl
(बेरियम क्लोराइड) (सोडियम सल्फेट)  (बेरियमसल्फेट)  (सोडियम क्लोराइड)

(ii)   AgNO3  +   NaCl  →    Agcl   +   NaNO3
(सिल्वरनाइट्रेट)       (सोडियम क्लोराइड)    (सिल्वर  क्लोराइड)  (सोडियम नाइट्रेट)


  प्रश्न 4. जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है तो विलयन का रंग क्यों बदल जाता है ?

उत्तर⇒ कॉपर सल्फेट के जलीय विलयन में लोहे की कील डालने पर लोहा, कॉपर सल्फेट के जलीय विलयन से कॉपर को विस्थापित कर देता है। अतः, कॉपर सल्फेट का रंग बदल जाता है।
Fe(s) + Cuso4 (aq)  →  FeSO4 (aq)       +   Cu (s)
                नीला                    कुछ हरा (विलयन)       लाल भूरा


प्रश्न 5. वियोजन अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं ? एक उदाहरण दें।

उत्तर⇒ वियोजन अभिक्रिया – जब एक बड़ा यौगिक टूटकर दो या दो से अधिक यौगिकों में परिणत हो जाता है तो वैसी अभिक्रिया वियोजन अभिक्रिया कहलाती है।
                        Δ
2KCIO3 ——————→ 2KCI+302


प्रश्न 6. निम्नांकित अभिक्रिया के लिए पहले शब्द-समीकरण लिखिए तथा उसके बाद संतुलित समीकरण लिखिए :
(a) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल दानेदार जिंक के साथ अभिक्रिया करता है।
(b) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मैग्नीशियम पट्टी के साथ अभिक्रिया करता है ।
(c) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल एल्युमिनियम चूर्ण के साथ अभिक्रिया करता है ।
(d) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लौह के रेतन के साथ अभिक्रिया करता है।

उत्तर⇒ (a)Zn(s)+H2SO4(aq)→ZnSO4(aq)+H2(g).
(b)Mg(s)+2HCI (aq)→MgCl2(aq)+H2(g)
(c)2Al(s)+3H2SO4 (aq)→Al2(SO4)3(aq)+3H2(g)
(d)Fe(s)+2HCI(aq)→FeCl2(aq)+H2(g)


प्रश्न 7. अवक्षेपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं ? उदाहरण देकर समझाएँ।

उत्तर⇒ जब दो विलयनों को मिलाया जाता है और उनकी अभिक्रिया से श्वेत रंग के एक पदार्थ का निर्माण होता है जो जल में अविलेय है, तो इस अविलेय पदार्थ को अवक्षेप कहते हैं । जिस अभिक्रिया में अवक्षेप का निर्माण होता है उसे अवक्षेपण अभिक्रिया कहते हैं।
Na2SO4(aq)+BaCl2 (aq)→BaSO4(s)+2NaCl(aq)
(सोडियम सल्फेट)(बेरियम क्लोराइड)(बेरियम सल्फेट)(सोडियमक्लोराइड)
Ba2+ तथा SO4 2- की अभिक्रिया से BaSO4 के अवक्षेप का निर्माण होता है।


 प्रश्न 8. वियोजन अभिक्रिया एवं संयोजन अभिक्रिया के लिए एक-एक समीकरण लिखिए। अथवा, वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत क्यों कहा जाता है ? इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए।

उत्तर⇒ वियोजन अभिक्रिया में एक यौगिक विच्छेदित होकर दो या दो से अधिक नये यौगिक बनाता है ।
                           ऊष्मा
जैसे – Caco3 ————–→  Cao+CO2
                           ऊष्मा
2Pb(NO3)2 ————-→  2Pb0 + 4NO2 +O2
जबकि संयोजन अभिक्रिया में दो या दो से अधिक तत्व या यौगिक संयोजित होकर किसी एक यौगिक का निर्माण करते हैं।
जैसे – CaO + H2O → Ca(OH2)
2H2 + O2    → 2H2O
इस प्रकार हम पाते हैं कि वियोजन में कोई यौगिक विच्छेदित होते हैं जबकि संयोजन में दो यौगिक या तत्व संयोजित होते हैं । अतः, दोनों क्रिया एक-दूसरे के विपरीत कहे जाते हैं।


प्रश्न 9. निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए उनकी अवस्था के संकेतों के साथ संतुलित रासायनिक समीकरण लिखें –
(i) जल में बेरियम क्लोराइड तथा सोडियम सल्फेट का विलयन अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा अघुलनशील बेरियम सल्फेट का अवक्षेप बनाते हैं।
(ii) सोडियम हाइड्रोक्साइड का विलयन (जल में) हाइड्रो-क्लोरिक अम्ल के विलयन (जल में) से अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा जल बनाते हैं।

उत्तर ⇒ (i)BaCl2(aq)+Na2SO4(aq)→BaSO4(S)+2NaCl(aq)
(ii) NaOH(aq)+HCl(aq)→NaCl(aq)+H2O(l)


प्रश्न 10. ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया का क्या अर्थ है ? उदाहरण दें।

उत्तर⇒ ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया- ऐसी अभिक्रियाएँ जिनमें ऊष्मा निकलती हैं, ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।
उदाहरण – मिथेन दहन की अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है CH(g) + 2O2(g) → CO2(g) + 2H2O(g) + ऊर्जा (880.4 kJ mol-1)
ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ – ऐसी अभिक्रियाओं को जिनमें ऊष्मा अवशोषित होती है, ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ कहते हैं।
उदाहरण – बेरियम डाइऑक्साइड तथा अमोनियम थायासायनेट की अभिक्रिया ऊष्माशोषी है।
Ba(OH)2. 8H2O (s)+2NH4SCN (s)→ Ba(SCN)2 (aq)  +2NH3 (aq) + 10H2O(l)


प्रश्न 11. संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है ? रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है ? अथवा, संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है ? उदाहरण दें।

उत्तर⇒ संतुलित रासायनिक समीकरण वह है जिसमें अभिकारकों और उत्पादों में विभिन्न तत्त्वों के परमाणुओं की संख्या समान होती है।
रासायनिक अभिक्रियाओं में द्रव्यमान के संरक्षण के नियम को संतुष्ट करने के लिए रासायनिक समीकरण संतुलित होनी चाहिए।


प्रश्न 12. प्रतिस्थापन अभिक्रिया क्या है ? उदाहरण देकर समझाइए।

उत्तर⇒ वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें अधिक अभिक्रियाशील धातु अपने से कम अभिक्रियाशील धातु को यौगिक के विलयन या गलित अवस्था से विस्थापित कर देती है उसे प्रतिस्थापन अभिक्रिया कहते हैं।
Fe+ CuSO→ FeSO4 + Cu
इस रासायनिक अभिक्रिया में Fe जो कि अधिक अभिक्रियाशील है Cu की अपेक्षा उसे विस्थापित कर उसके स्थान पर स्वयं को प्रतिस्थापित कर रहा है।


प्रश्न 13. उत्प्रेरक से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर⇒ वैसे पदार्थ जो स्वयं रासायनिक प्रतिक्रिया में भाग नहीं लेते हैं, लेकिन प्रतिक्रिया के वेग को बढ़ाते हैं या घटाते हैं, उसे उत्प्रेरक कहते हैं। जैसे-Fe उत्प्रेरक की उपस्थिति में बेंजीन के हाइड्रोजन परमाणु का क्लोरीन परमाणु द्वारा प्रतिस्थापन –
                           Fe
C6H6 + Cl2 —————→   C6H5Cl  +  HCI
बेंजीन    क्लोरीन                         क्लोरोबेंजीन , हाइड्रोजन क्लोराइड


प्रश्न 14. श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं ? वर्णन कीजिए।

उत्तर⇒ हमें जीवित रहने के लिए ऊर्जा चाहिए । यह ऊर्जा हमें भोजन से मिलती है, जिसे हम खाते हैं। पाचन के दौरान, भोजन सरल पदार्थों में टूट जाता है। उदाहरण के लिए, चावल, आलू तथा ब्रेड में कार्बोहाइड्रेट होता है । ये कार्बोहाइड्रेट टूटकर ग्लूकोज बनाते हैं । यह ग्लूकोज हमारे शरीर की कोशिकाओं में ऑक्सीजन से संयोग करते हैं और ऊर्जा प्रदान करते हैं। इस अभिक्रिया का विशेष नाम श्वसन है।
C6H12O6(aq)+6O2(aq)→6CO2(aq)+6H2O(l)+ऊर्जा
ग्लूकोज
चूँकि श्वसन अभिक्रिया में ऊष्मा निकलती है, अतः श्वसन अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है ।


प्रश्न 15. रासायनिक समीकरण लिखें जब (a) जिंक सल्फाइड को हवा की उपस्थिति में गर्म किया जाता है। (b) कार्बन डाइऑक्साइड गैस को चूना जल से प्रवाहित किया जाता है।

उत्तर⇒ जिंक सल्फाइड को हवा की उपस्थिति में गर्म करने पर जिंक ऑक्साइड तथा ऑक्सीजन गैस का निर्माण होता है।
(a) 2ZnS+3O2 → 2ZnO +2SO2
(b) कार्बन डाइऑक्साइड गैस को चूना जल में प्रवाहित करने पर CaCO3 का श्वेत अवक्षेप बनता है जिससे चूना-जल दुधिया हो जाता है।
Ca(OH)2 + CO2 → CaCO3 + H2O


प्रश्न 16. प्रकाश-अपघटन अभिक्रिया से क्या समझते हैं? एक उदाहरण दे ।

उत्तर⇒ अपघटन अभिक्रिया : अपघटन या वियोजन वह अभिक्रिया है जिसमें किसी यौगिक के बड़े अणु के टूटने से दो या दो से अधिक पदार्थ बनते हैं, जिनके गुण मूल यौगिक के गुण से बिल्कुल भिन्न होते हैं।

प्रकाश-ऊर्जा द्वारा अपघटन :
                       सूर्य का प्रकाश
2AgCl (s) ————————-→ 2Ag(s)+Cl2(g)


प्रश्न 17. लोहे की वस्तुओं को हम क्यों पेंट करते हैं ?

उत्तर⇒ पेंट करने से लोहे के पदार्थ का ऊपरी भाग छुप जाता है। वह वायु के साथ सीधे संपर्क में नहीं आता है जिसके कारण उसमें जंग नहीं लगता । इसलिए पेंट करने से हम लोहे के उस पदार्थ को जंग लगने से बचा सकते हैं।


प्रश्न 18. निम्नांकित समीकरणों को संतुलित कीजिए :
(i) H2 +O2 → H2O
(ii) Fe+ H2O → Fe3O+ H2
(iii) Mg + HCl → MgCl2+ H2

उत्तर⇒ (i) 2H2+ O2 → 2H2O
(ii) 3Fe+ 4H2O → Fe3O+4H2
(iii) Mg + 2HCl → MgCl2 + H2


प्रश्न 19. वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को साफ क्यों किया जाता है ?

उत्तर⇒ यदि मैग्नीशियम रिबन नम वायु के संपर्क में रहता है तो उस पर सफेद रंग की मैग्नीशियम ऑक्साइड की पर्त जम जाती है, यह पर्त मैग्नीशियम के जलने में अवरोध पैदा करती है। इसलिए, मैग्नीशियम रिबन को पहले रेगमार से साफ किया जाता है।


प्रश्न 20. किसी पदार्थ ‘X’ के विलयन का उपयोग दीवार पर सफेदी करने के लिए होता है।
(i) पदार्थ ‘X’ का नाम एवं सूत्र लिखिए । (ii) ऊपर (i) में लिखे पदार्थ ‘X’ की जल के साथ अभिक्रिया लिखें।

उत्तर⇒ (i) पदार्थ ‘X’ का नाम कैल्सियम ऑक्साइड है तथा सूत्र CaO है।
(ii) जल के साथ प्रतिाक्रिया : CaO+ H2O → Ca(OH)2


प्रश्न 21. तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन से प्रभावित क्यों किया जाता है ?

उत्तर⇒ तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थ को वायुरोधी बर्तनों में रखने से उपचयन की गति धीमी हो जाती है । तेल एवं वसायुक्त पदार्थ को नाइट्रोजन से भी इसीलिए, युक्त किया जाता है ताकि उसमें उपचयन न हो सके।


प्रश्न 22. सिल्वर के शोधन में, सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर प्राप्त करने के लिए कॉपर धातु द्वारा विस्थापन किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए अभिक्रिया लिखिए।

उत्तर⇒ Cu(s)+2AgNO3(aq)→Cu(NO3)2(aq)+2Ag(S)
        कॉपर’    सिल्वर नाइट्रेट         कॉपर नाइट्रेट           सिल्वर


प्रश्न 23. उन वियोजन अभिक्रियाओं के एक-एक समीकरण लिखें जिनमें ऊष्मा., प्रकाश एवं विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है।

उत्तर⇒ (1) वियोजन अभिक्रिया जिसमें ऊष्मा का प्रयोग होता है –

                          प्रकाश
CaCO3 (s)     ———–→  CaO (s)  +  CO(g)
कैल्सियम कार्बोनेट                 क्विक लाइम    कार्बनडाइऑक्साइड

(2) वियोजन क्रिया जिसमें प्रकाश का प्रयोग किया जाता है –
                    प्रकाश
2AgCl(s) ———–→ 2Ag (s) + Cl2 (g)
सिल्वर क्लोराइड                    सिल्वर     क्लोरीन

(3) वियोजन क्रिया जिसमें विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है –
                    विद्युत
2H2O (l)  ———–→  2H2 (g) + O2 (g)
जल                                  हाइड्रोजन       ऑक्सीजन


प्रश्न 24. निम्नांकित अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखें एवं प्रत्येक अभिक्रिया का प्रकार बताएँ।
(a) पोटैशियम ब्रोमाइड(aq) + बेरियम आयोडाइड(aq) → पोटैशियम आयोडाइड (aai + बेरियम ब्रोमाइड(s)

(b) जिंक कार्बोनेट (s)  →  जिंकऑक्साइड  (s) +  कार्बनडाइऑक्साइड (g)

(c) हाइड्रोजन (g) + क्लोरीन (8)→ हाइड्रोजन क्लोराइड (g)

(d) मैग्नीशियम (s) + हाइड्रोक्लोरिकअम्ल (aq) → मैग्नीशियम क्लोराइड (aq) + हाइड्रोजन(g)

उत्तर⇒ (a) 2KBr(aq)+Bal2(aq)→2KI(aq)+ BaBr2(G)
(b) ZnCO3 (s) →  ZnO (s) + CO2 (g)
(c) H2 (g)+ Cl2 (g) → 2HCl (g)
(d) Mg (s) + 2HCl (aq) → MgCl2 (aq) + H2 (g)


प्रश्न 25. एक भूरे रंग का चमकदार तत्त्व ‘X’ को वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर वह काले रंग का हो जाता है । इस तत्त्व ‘X’ एवं उस काले रंग के यौगिक का नाम बताएँ।

उत्तर⇒ यह तत्त्व ‘X’ कॉपर है, क्योंकि कॉपर ही एक भूरे रंग का चमकदार तत्त्व है जो वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर काले रंग का हो जाता है, क्योंकि यह O2 के साथ अभिक्रिया करके कॉपर ऑक्साइड बनाता है।


प्रश्न 26. निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखें
(i) हाइड्रोजन + क्लोरीन →  हाइड्रोजन क्लोराइड
(ii) बेरियम क्लोराइड + एलुमीनियम सल्फेट → बेरियम सल्फेट + एलुमीनियम क्लोराइड
(iii) सोडियम + जल → सोडियम हाइड्रोक्साइड + हाइड्रोजन

उत्तर⇒ (i) H+Cl2 → 2HCI
(ii) 3BaCl2 + Al2(SO)4 → 3BaSO4 + 2AICI2
(ii) 2Na + 2H2O → 2NaOH + H2


प्रश्न 27. निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
(a) कैल्सियम हाइड्रोक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड → कैल्सियम कार्बोनेट + जल

(b) जिंक + सिल्वर नाइट्रेट → जिंक नाइट्रेट + सिल्वर

(c) ऐलुमिनियम + कॉपर क्लोराइड → ऐलुमिनियम क्लोराइड + कॉपर

(d) वेरियम क्लोराइड + पोटैशियम सल्फेट → बेरियम सल्फेट + पोटैशियम क्लोराइड

उत्तर⇒ (a) Ca(OH)2(aq)+CO2(g)→CaCO3 (s)+H2O(l)
(b) Zn(s)+2AgNO2(aq)→Zn(NO3)2(aq) +2Ag(s)
(c) 2Al(s)+3CuCl2(aq)→2AlCl3 (aq)+3Cu (s)
(d) BaCl(aq)+K2SO4(aq)→BaSO4(s)+2KCI(aq)


प्रश्न 28. निम्नलिखित रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए :
(a) HNO+ Ca(OH)→ Ca(NO3) + H2O
(b) 2NaOH + H2SO4 + Na2SO4 + H2O
(c) NaCl + AgNO3→AgCl + NaNO3
(d) BaCl + H2SO4→ BaSO4 + HCl

उत्तर⇒ (a) 2HNO3+Ca(OH)2→Ca(NO3)2+2H2O
(b) 2NaOH + H2SO4 → Na2SO4 + 2H2O
(c) NaCl + AgNO3 → AgCl + NaNO3
(d) BaCl + H2SO4 → Baso4 + 2HCl


प्रश्न 29. निम्नांकित कथनों को रासायनिक समीकरण के रूप में परिवर्तित कर उसे संतुलित करें :
(a) नाइट्रोजन, हाइड्रोजन गैस से संयोग करके अमोनिया बनाता है।
(b) हाइड्रोजन सल्फाइड गैस का वायु में दहन होने पर जल एवं सल्फर डाइऑक्साइड बनता है।
(c) ऐलुमिनियम सल्फेट के साथ अभिक्रिया कर बेरियम क्लोराइड, ऐलुमिनियम क्लोराइड एवं बेरियम सल्फेट का अवक्षेप देता है।
(d) पोटैशियम धातु जल के साथ अभिक्रिया करके पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड एवं हाइड्रोजन गैस देती है।

उत्तर⇒ (a) N2 (g)+3H2 (g)→ 2NH3 (g)
(b) 2H2S (g)+3O2 (g)→ 2H2O (l) + 2SO2 (l)
(c) 3BaCl2(aq)+Al2(SO4)3(aq)→2AICI3(aq) + 3BaSO4(s)
(d) 2K (s)+2H2O(l) →2KOH (aq)+H2(g)


प्रश्न 30. किस प्रकार की रासायनिक अभिक्रियाएँ होती हैं, जब
(a) मैग्नीशियम के तार को वायु में जलाया जाता है ?
(b) चूना-पत्थर को गर्म किया जाता है ?
(c) प्रोटीनों को अमीनो अम्लों में परिवर्तित किया जाता है ?
(d) जल में विद्युत प्रवाहित की जाती है?
(e) अमोनिया और हाइड्रोजन क्लोराइड को मिश्रित किया जाता है ?

उत्तर⇒ (a) संयोजन, (b) अपघटन, (c) अपघटन, (d) अपघटन, (e) संयोजन।


प्रश्न 31. निम्नलिखित समीकरणों को सही और संतुलित कीजिए :

(i) Ca+2H2O → CaOH + H  (ii) N+H → NH3

उत्तर⇒ (i) Ca+2H2O → Ca(OH)2 +H2

(ii) N2+3H2 → 2NH3


प्रश्न 32. रासायनिक समीकरणों को अधिक जानकारी देने वाला कैसे बनाया जा सकता है ?

उत्तर⇒ रासायनिक अभिक्रियाओं को तीन तरीकों से जानकारी देनेवाला बनाया जा सकता है-
(i) अभिकारकों और उत्पादों की भौतिक अवस्थाओं को दर्शाकर
(ii) अभिक्रिया में ‘ऊष्मा परिवर्तनों’ को दर्शाकर
(iii) अभिक्रिया होने वाली ‘परिस्थितियों’ को दर्शाकर ।


प्रश्न 33. निम्नांकित समीकरणों से किस प्रकार की अभिक्रियाएँ प्रदर्शित होती हैं?
(a) CaCO3 → CaO + CO2
(b) CaO+H2 → Ca(OH)2
(c) 2FeSO4 → Fe2O3 + SO2 + SO3
(d) NH4Cl → NH3 + HCl
(e) 2Ca+O → 2CaO

उत्तर⇒ (a) अपघटन, (b) संयोजन, (c) अपघटन, (d) अपघटन, (e) संयोजन।


प्रश्न 34. निम्नलिखित रासायनिक समीकरणों को संतुलित करें
(i) K+H2O→KOH + H2
(ii) H2S+ O2→H2O+ SO2
(iii) Na+O2 → Na2O

उत्तर⇒ (i) 2K +2H2O→ 2KOH+ H2
(ii) 2H2S + 3O2 → 2H2O + 2SO2
(iii) 4Na + O2 → 2Na2O


प्रश्न 35. CuO+ H2O→ Cu+H2O अभिक्रिया में कारणसहित (i) उपचयित पदार्थ, (ii) अपचयित पदार्थ, (iii) उपचायक, (iv) अपचायक बताएँ।

उत्तर⇒ (i) उपचयित पदार्थ H2 है, क्योंकि हाइड्रोजन में, ऑक्सीजन का संयोग हो रहा है। (i) उपचयित पदार्थ H2
(ii) अपचयित पदार्थ CuO है, क्योंकि ऑक्सीजन, कॉपर ऑक्साइड में से निष्कासित हो रही है।
(iii) Cuo उपचायक है, क्योंकि CuO हाइड्रोजन के उपचयन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन दे रहा है।
(iv) Hअपचायक है, क्योंकि हाइड्रोजन, कॉपर ऑक्साइड के ऑक्सीजन के निष्कासन के लिए उत्तरदायी है।


प्रश्न 36. निम्नलिखित समीकरणों को संतुलित कीजिए :
(a) Na +O2 → Na2O
(b) H2O2 → H2O+O2
(c) CaC2 + H2O → C2H2 + Ca(OH)2
(d) Li+N2 → Li3N
(e) Mg(OH)2 + HCl→ MgCl2 + H2O

उत्तर⇒ (a) 4Na+O2→ 2Na2O
(b) 2H2O2→ 2H2O + O2
(c) CaC+ 2H2O → C2H2 + Ca(OH)2
(d) 6Li + N2 → 2Li3N
(e) Mg(OH)2 + 2HCl→ MgCl2 +2H2O


प्रश्न 37. निम्नलिखित कथनों को रासायनिक समीकरणों में परिवर्तित कीजिए और फिर समीकरणों को संतुलित कीजिए :
(a) हाइड्रोजन सल्फाइड गैस वायु में जलकर जल और सल्फर डाइऑक्साइड गैस बनाता है।
(b) फॉस्फोरस, ऑक्सीजन में जलकर फॉस्फोरस पेण्टॉक्साइड बनाता है।
(c) कार्बन डाइसल्फाइड वायु में जलकर कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड बनाता है।
(d) ऐलुमिनियम धातु, फेरिक ऑक्साइड (Fe2O3) से आयरन प्रतिस्थापित करता है और ऐलुमिनियम ऑक्साइड तथा आयरन देता है।
(e) बेरियम क्लोराइड, जिंक सल्फेट के साथ अभिक्रिया करके जिंक क्लोराइड और बेरियम सल्फेट का अवक्षेप देता है ।

उत्तर⇒ (a) 2H2S+3O2, → 2H2O+ 2SO2
(b) P4+5O2→ 2P2O5
(c) Cs2+3O2→ CO2 +2SO2
(d) 2Al+ Fe2O3→AI2O3 + 2Fe
(e) BaCl2 + ZnSO4 → ZnCl2 + BasO4


प्रश्न 38. निम्नांकित रासायनिक अभिक्रियाओं के संतुलित रासायनिक समीकरण लिखें:
(a) मिथेन सूर्य के प्रकाश में क्लोरीन के साथ अभिक्रिया करता है।
(b) एथेनॉल का सांद्र H2SO4 की अधिकता के साथ गर्म किया जाता है ।
(c) एथेनॉल को अम्लीय पोटैशियम डाइक्रोमेट के साथ गर्म किया जाता है।
(d) एथेनॉइक अम्ल सांद्र H2SO4 की उपस्थिति में एथेनॉल के साथ अभिक्रिया करता है।
(e) एथेनॉइक अम्ल तथा बेकिंग सोडा आपस में अभिक्रिया करती हैं।

उत्तर⇒

निम्नांकित रासायनिक अभिक्रियाओं के संतुलित रासायनिक समीकरण लिखें

 

Science ( विज्ञान  ) दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

 

1. निम्नलिखित अभिक्रियाएँ क्या हैं ?
(i) संकलन अभिक्रिया  (ii) प्रतिस्थापन अभिक्रिया  (iii) एस्टरीकरण अभिक्रिया

उत्तर ⇒(i) संकलन अभिक्रिया – निकेल अथवा पैलेडियम जैसे उत्प्रेरकों की उपस्थिति में असंतृप्त हाइड्रोकार्बन, हाइड्रोजन जोड़कर संतृप्त हाइड्रोकार्बन देते हैं। उत्प्ररेक वे पदार्थ होते हैं जिनके कारण अभिक्रिया भिन्न दर से बढ़ती है। निकेल उत्प्रेरक का उपयोग करके साधारणतः वनस्पति तेलों के हाइड्रोजनीकरण में इस अभिक्रिया का उपयोग होता है। वनस्पति तेलों में साधारणतः लंबी असंतृप्त कार्बन श्रृंखलाएँ होती हैं जबकि जंतु वसा से संतृप्त-कार्बन शृंखलाएँ होती हैं।

(ii) प्रतिस्थापन अभिक्रिया – एक अभिक्रियाशील तत्त्व अपेक्षाकृत कम अभिक्रियाशील तत्त्व के लवण से तत्त्व को विस्थापित करता है, इन्हें विस्थापन अभिक्रिया कहा जाता है। जैसे—कॉपर सल्फेट के विलयन में लोहे की कील डालने पर लोहे के कील द्वारा कॉपर सल्फेट विलयन से कॉपर धातु को अलग करता है। लोहे के कील पर Cu जमा होने से यह भूरे रंग का हो जाता है और कॉपर सल्फेट के नीले रंग मलीन हो जाते हैं।

Fe(s) + CuSO4(aq.) → Feso4(aq.) + Cu (s)

(iii) एस्टरीकरण अभिक्रिया – एथेनॉइक अम्ल और एथेनॉल की अभिक्रिया किसी अम्ल उत्प्रेरक की उपस्थिति में करायी जाती है तो एस्टर का निर्माण होता है। इस अभिक्रिया को एस्टरीकरण अभिक्रिया कही जाती है।rasayanik abhikriya avam samikaran kaksha 10

2. द्विविस्थापन अभिक्रिया से क्या समझते हैं ? एक उपयुक्त रासायनिक समीकरण देकर इसकी पुष्टि कीजिए।

उत्तर ⇒ वे अभिक्रियाएँ जिनमें अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है उन्हें द्विविस्थापन अभिक्रिया कहते हैं। एक परखनली में सोडियम सल्फेट का विलयन लिया जाता है। पुनः उतनी मात्रा में बेरियम क्लोराइड का विलयन लेकर उसमें मिला दिया जाता है। देखने पर एक श्वेत रंग का अवक्षेप प्राप्त होता है। इस अविलेय पदार्थ को अवक्षेप कहा जाता है।
ऐसा इसलिए होता है कि Ba2+ तथा SOकी अभिक्रिया से BaSO4 का अवक्षेप का निर्माण होता है।

एक अन्य उत्पाद सोडियम क्लोराइड का भी निर्माण होता है जो विलयन में ही रहता है।

rasayanik abhikriya evam samikaran question answer


3. संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है ? रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है ?

उत्तर ⇒संतुलित रासायनिक समीकरण में रासायनिक अभिक्रिया के पहले एवं उसके पश्चात् प्रत्येक तत्त्व के परमाणुओं की संख्या समान होती है। असंतुलित (कंकाली) रासायनिक समीकरण में अभिक्रिया के पहले और बाद के उत्पादों में परमाणुओं की संख्या बराबर नहीं होती है। यह द्रव्य के अनश्वरता के सिद्धांत का पालन नहीं करता है। रासायनिक समीकरण को संतुलित रखने पर यह पता चलता है कि अभिकारकों के कितने-कितने आयतन मिलकर अभिक्रिया करते हैं और इनसे कितने आयतन उत्पाद पैदा होते हैं।examoleउपर्युक्त रासायनिक समीकरण संतुलित है और इससे यह पता चलता है कि 2 आयतन H और 1 आयतन 0 मिलकर 2 आयतन जल का निर्माण करता है। दूसरा, समीकरण से यह भी स्पष्ट है कि 2g H और 32g O आपस में संयोग कर 36 g जल का निर्माण करता है। लेकिन कंकाली रासायनिक समीकरण से यह सूचना अप्राप्त है। यही कारण है कि रासायनिक समीकरणों को संतुलित करना आवश्यक है।


4. वियोजन (अपघटन) अभिक्रिया को स्वच्छ रेखाचित्र द्वारा एक क्रियाकलाप दीजिए।

उत्तर ⇒ क्रियाकलाप – एक प्लास्टिक का मग लिया जाता है जिसकी तली में दो छिद्र करके रबड़ का डॉट लगा दिया जाता है। इन छिद्रों से होकर कार्बन इलेक्ट्रोड लगा दिया जाता है। इन इलेक्ट्रोडों को 6 वोल्ट की बैटरी से जोड़ दिया जाता है।जल का विधुत अपघटन मग में इतना जल डाला जाता है कि । इलेक्ट्रोड इसमें पूर्णतः डूब जाए। जलमें तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की कुछ बूंदे ऑक्सीजन हाइड्रोजन डाल दी जाती हैं। जल से भरी दो अंशांकित परखनलियों को इलेक्ट्रोडों पर उलट के रख दिया जाता है । अब विधुत धारा पर्बाहित कर उपकरण को थोड़ी देर छोड़ दिया जाता है । दोनों इलेक्ट्रोडों पर बुलबुले बनते हुए देखे जाते हैं। ये बुलबुले अंशांकित नली में जल का विद्युत अपघटन जल को नीचे विस्थापित कर नली में इकट्टे होते हैं।

दोनों नलियों में इकट्ठे गैस के आयतन को देखने पर पता चलता है कि एक का आयतन दूसरे का दुगुना है। कैथोड पर एकत्रित गैस का आयतन एनोड पर एकत्रित गैस के आयतन का दुगुना है। दोनों परखनलियों को सावधानीपूर्वक हटा लिया जाता है और जलती दियासलाई की तीली से इसकी परीक्षा की जाती है। एनोड पर की गैस दियासलाई की जलती तीली को काफी तेजी से जलाता है अर्थात् यह गैस जलन का पोषण करता है। कैथोड पर की गैस जलन का पोषण नहीं करता है बल्कि यह विस्फोट के साथ जल उठता है। कैथोड पर उत्पन्न गैस हाइड्रोजन और एनोड पर उत्पन्न गैस ऑक्सीजन है।
अतः जल के अपघटन से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैस निर्मित होते हैं।


5. एक क्रियाकलाप द्वारा विस्थापन अभिक्रिया को दर्शाइए।
उत्तर ⇒
rasayanik abhikriya avam samikaran ka objectiveलोहे की तीन कीलें लिये जाते हैं। तब इन्हें रेगमाल से रगड़कर साफ कर दिया जाता है। दो परखनली (A) और (B) ली जाती है। इसमें 10 ml कॉपर सल्फेट का विलयन रखा जाता है। दोनों कीलों को धागे से बांध कर सावधानीपूर्वक परखनली B के कॉपर सल्फेट के विलयन में लगभग 20 मिनट रखने के बाद बाहर निकाला जाता है।

कॉपर सल्फेट की विलियन परख नालो

अब परखनली (A) और (B) में विलयन के नीले रंग की तुलना कीजिए पुनः कीलों की तुलना उस कील से कीजिए जो बाहर रखी हुई थी।आप पायेंगे कि कॉपर सल्फेट का विलयन का रंग नीला मलीन हो गया तथा लोहे के कील का रंग भूरा हो गया है।

Fe(s) + CuSO4 (aq.) → FeSO4 (aq.) + Cu(s)

इस अभिक्रिया में लोहे ने दूसरे तत्त्व कॉपर को कॉपर सल्फेट के विलयन से विस्थापित कर दिया है। लोहे के कील को भूरे रंग के होने का कारण है कि इसकी
सतह पर कॉपर की परत जमा हो गयी है। अतः विस्थापन अभिक्रिया को इस क्रियाकलाप द्वारा समझना आसान है।


6. निम्न पदों का वर्णन करें तथा प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दें:
(a) संक्षारण (b) विकृतगंधिता।
अथवा, संक्षारण क्या है ? संक्षारण रोकने के उपाय बताइए।

उत्तर ⇒(a) संक्षारण – लोहे की बनी हुई वस्तुएँ चमकीली होती हैं लेकिन कुछ समय पश्चात् उन पर लालिमायुक्त भूरे रंग की परत चढ़ जाती है। आमतौर पर इस प्रक्रिया को लोहे पर जंग लगना कहते हैं । कुछ अन्य धातुओं में भी ऐसा ही परिवर्तन होता है। जब कोई धातु अपने आसपास अम्ल, नमी आदि के संपर्क में आती है तब ये संक्षारित होती हैं और इस प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं। चाँदी के ऊपर काली पर्त और ताँबे के ऊपर हरी पर्त चढ़ना, संक्षारण के उदाहरण हैं।
संक्षारण के कारण कार के ढांचे, पुल, जहाज तथा धातु विशेषकर लोहे से बनी वस्तुओं की बहुत क्षति होती है।

(b) विकृतगंधिता – वसायुक्त अथवा तैलीय खाद्य सामग्री जब लंबे समय तक रखा जाता है तब उसका स्वाद या गंध में परिवर्तन आ जाता है। उपचयित होने पर तेल और वसा विकृत गंधी हो जाते हैं तथा उनके स्वाद तथा गंध बदल जाते हैं । वायुरोधी बर्तनों में खाद्य सामग्री रखने से उपचयन की गति धीमी हो जाती है। क्या आप जानते हैं कि चिप्स बनाने वाले चिप्स की थैली को नाइट्रोजन जैसे गैस से युक्त कर देते हैं ताकि चिप्स का उपचयन न हो सके और उन्हें देर तक संरक्षित रखा जा सके।


7. वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत क्य कहा जाता है ? इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए।

उत्तर ⇒ वे अभिक्रियाएँ जिनमें दो या अधिक पदार्थ संयुक्त होकर केवल एक पदार्थ बनाते हैं, संयोजन अभिक्रियाएँ कहलाती हैं तथा वे अभिक्रियाएँ जिनमें यौगिक दो अधिक सरल पदार्थों में टूटता है, वियोजन अभिक्रियाएँ कहलाती हैं। अतः वियोजन अभिक्रिया, संयोजन अभिक्रिया के बिल्कुल विपरीत है।
उदाहरण -:
(i) हाइड्रोजन, ऑक्सीजन में जलकर जल बनाती है।

संयोजन

 

 

जल में जब विधुत धारा प्रवाहित की जाती है, यह वियोजित होकर हाइड्रोजन गैसऔर ऑक्सीजन गैस देता है।

 

अपघटन

 

 

 

(ii) सोडियम धातु क्लोरिन में  जलकर सोडियम क्लोराइड बनाता है।सोडियम धातु क्लोरिन में 

गलित सोडियम क्लोराइड में जब विधुत धारा प्रवाहित की जाती है, यह वियोजित होकर सोडियम धातु और क्लोरीन गैस देता है ।

सोडियम धातु क्लोरीन

 

 


 

8. विस्थापन एवं द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में क्या अंतर है ? इन अभिक्रियाओं के समीकरण लिखें।

उत्तर ⇒ विस्थापन अभिक्रिया – जब कोई एक तत्त्व दूसरे तत्त्व को उसके यौगिक से विस्थापित कर देता है तो वायु विस्थापन अभिक्रिया होती है।
उदाहरण -: 4. विस्थापन एवं द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में क्या अंतर है ? इन अभिक्रियाओं के समीकरण लिखें। उत्तर-विस्थापन अभिक्रिया - जब कोई एक तत्त्व दूसरे तत्त्व को उसके यौगिक से विस्थापित कर देता है तो वायु विस्थापन अभिक्रिया होती है। उदाहरण

द्विविस्थापन अभिक्रिया – द्विविस्थापन अभिक्रिया में दो अलग-अलग परमाण या परमाणुओं के समूह (आयन) का आपस में आदान-प्रदान होता है।

द्विविस्थापन अभिक्रिया

उपरोक्त उदाहरण विस्थापन और द्विविस्थापन अभिक्रियाओं का अंतर स्पष्ट करते हैं।

क्लास 10th का रासायनिक अभिक्रिया एवं समीकरण


9. रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार उदाहरण सहित लिखें।

उत्तर ⇒रासायनिक अभिक्रिया के दौरान किसी एक तत्त्व का परमाणु दूसरे तत्त्व के परमाणु में नहीं बदलता है। न ही कोई परमाणु मिश्रण से बाहर जाता है या बाहर से मिश्रण में आता है। वास्तव में, किसी रासायनिक अभिक्रिया में परमाणुओं के आपसी आबंध के टूटने और जुड़ने से नए पदार्थों का निर्माण होता है।

(a) संयुक्त आभाक्रया – ऐसी अभिक्रिया जिसमें दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर एकल उत्पाद का निर्माण करते हैं उसे संयुक्त अभिक्रिया कहते हैं ।
जैसे – कैल्सियम ऑक्साइड जल के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करके बुझे हुए चूने (कैल्सियम हाइड्रोक्साइड) का निर्माण करके अत्यधिक मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न करता है।

जैसे- CaO(s) + H2O (l) → + Ca(OH)2(aq)

      (बिना बुझा हुआ चूना)                 (बिना बुझा हुआ चूना)

इस अभिक्रिया में कैल्सियम ऑक्साइड तथा जल मिलकर एकल उत्पाद, कैल्सियम हाइड्रोक्साइड बनाते हैं।

(b) वियोजन अभिक्रिया – वह अभिक्रिया जिसमें एकल अभिकर्मक टूटकर छोटे-छोटे उत्पाद प्रदान करता है।
वियोजन अभिक्रिया के उदाहरण –वियोजन अभिक्रिया

विस्थापन अभिक्रिया – जब कोई तत्त्व दुसरे तत्त्व को उसके यौगिक से विस्थापित कर देता है तो वह विस्थापन अभिक्रिया होती है।
उदाहरण-

विस्थापन अभिक्रिया

(d) द्विविस्थापन अभिक्रिया – द्विविस्थापन अभिक्रिया में दो अलग-अलग परमाणु या परमाणुओं के समूह का आपस में आदान-प्रदान होता है।

उदाहरण-:    rasaynik abhikriya and samikaran

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